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JANKRITI । जनकृतिOffline

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गीतांजलि श्री को मिला वर्ष 2022 का अंतरराष्ट्रीय बुकर सम्मान

बुकर प्राइज़ 2022: गीतांजलि श्री आज समस्त हिन्दी भाषियों के लिए गर्व का दिन है क्योंकि गीतांजलि श्री जी को उनके उपन्यास ‘रेत समाधि’ के अंग्रेजी अनुवाद ‘Tomb of Sand by ‘ Daisy Rockwell’ के लिए वर्ष 2022 का बुकर सम्मान दिया गया है। यह कार्यक्रम यूट्यूब पर लाइव चल रहा था। कमेंट बॉक्स में […]

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प्रेम नहीं प्रताड़ना

प्रेम को प्रताड़ित करने वाले को कभी समझ नहीं आएगा प्रेम उसे सुनाई नहीं देंगी सिसकियाँ.. दिखाई नहीं देंगें आंसुओं के निशान देह – आत्मा जब दंशों से भर जाएगी आत्मा कराह उठेगी! वो बदजुबानी के चाबूक चलाएगा रोज स्वाह होगा सात जन्मों का बंधन मरा हुआ मन, टीसता तन कितनी दूर चल पाएगा काले […]

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एहसास

                                 एहसान बारिश पड़ने के कारण उसने गीले कपड़े ही उतार लिये थे लेकिन अब बारिश रूक गई थी और धूप आने लगी तो वो वापस बालकनी में कपड़े सुखाने के लिए डाल रही थी तभी सामने से आते हुए […]

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हरीश सुवासिया की कविताएं

1 सच तो सच है । “ तुम वादा करके अगर किसी दिन भले मुकर जाओ फिर अगले ही दिन दस बीस लोग जमाकर बता दो या बिफर पड़ो ! किसी एक मसले पर तुम्हारा जुदा -जुदा नजरिया सही नही है । भले तुम्हारी नजरों मे तुम्ही ं तुम हो । दूजा दिखता नहीं शायद […]

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दो कविताएं

 कविताएं सच तो सच है । ” तुम वादा करके अगर किसी दिन भले मुकर जाओ फिर अगले ही दिन दस बीस लोग जमाकर बता दो या बिफर पड़ो ! किसी एक मसले पर तुम्हारा जुदा -जुदा नजरिया सही नही है । भले तुम्हारी नजरों मे तुम्ही ं तुम हो । दूजा दिखता नहीं शायद […]

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JANKRITI । जनकृति

Multidisciplinary International Magazine । बहुविषयक अंतरराष्ट्रीय पत्रिका

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ISSN: 2454-2725, IF- 1.888

Email: jankritipatrika@gmail.com

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