शोध पत्र एवं रचना आमंत्रण
जनकृति: अंतरानुशासनिक विशेषज्ञ-समीक्षित अंतरराष्ट्रीय मासिक शोध पत्रिका (वर्ष 12, अंक 136 onwards)
‘जनकृति’ के आगामी अंकों के लिए देश-विदेश के विद्वान प्राध्यापकों, शोधार्थियों, चिंतकों एवं रचनाकारों से पत्रिका के समस्त १९ आधिकारिक स्तंभों, युवा शोधाभ्यास, साक्षात्कार एवं सृजनात्मक साहित्य के अंतर्गत अप्रकाशित एवं मौलिक आलेख व रचनाएँ आमंत्रित की जाती हैं।
१. पत्रिका के आधिकारिक स्तंभ एवं विमर्श क्षेत्र (Journal Columns)
‘जनकृति’ में निम्नलिखित १९ प्रमुख स्तंभों एवं अंतरानुशासनिक श्रेणियों के अंतर्गत मौलिक व अप्रकाशित रचनाएं/शोध आलेख आमंत्रित हैं:
कला-विमर्श
सिनेमा, संगीत, रंगमंच, वास्तुकला, दृश्य कला आदि का समीक्षात्मक व ऐतिहासिक विमर्श।
स्त्री-विमर्श
लैंगिक समानता, स्त्री साहित्य, इतिहास, अस्मिता व समकालीन नारीवादी संघर्ष।
बाल विमर्श
बच्चों की समस्याएँ, बाल मनोविज्ञान, बाल अधिकार, बाल साहित्य एवं बाल खेल से संबंधित विषय।
शिक्षा-विमर्श
एनईपी (NEP 2020), शिक्षण पद्धतियाँ, उच्च शिक्षा, संस्थागत रणनीतियाँ व राष्ट्रीय नीतियाँ।
राजनीतिक-विमर्श
संविधान, राष्ट्रीय आंदोलन, लोकतंत्र, चुनाव प्रणालियाँ, अंतरराष्ट्रीय संबंध व समकालीन राजनीति।
मनोविज्ञान
मनोभाषिकता (Psycholinguistics), संज्ञानात्मक व्यवहार, सामाजिक मनोविज्ञान व मानसिक स्वास्थ्य।
समाजशास्त्रीय विमर्श
उदारीकरण, सामाजिक विकास, सांस्कृतिक परिवर्तन, जातिगत व वर्गीय सामाजिक संरचना।
ऐतिहासिक विमर्श
प्राचीन से आधुनिक भारतीय एवं विश्व इतिहास, पुरातत्व, अभिलेखागार व ऐतिहासिक पुनर्पाठ।
डायस्पोरा विमर्श
प्रवासी भारतीय, गिरमिटिया इतिहास, वैश्विक प्रवासी साहित्य, भाषा व लोकसंस्कृति।
दलित एवं आदिवासी-विमर्श
दलित व आदिवासी साहित्य, संस्कृति, इतिहास, जल-जंगल-ज़मीन, संवैधानिक अधिकार व दर्शन।
क्वीर विमर्श
किन्नर, समलैंगिक एवं अन्य हाशिए की लैंगिक पहचानों का साहित्यिक व सामाजिक अध्ययन।
मीडिया विमर्श
पारंपरिक मीडिया, पत्रकारिता, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, नव मीडिया, ओटीटी व सोशल मीडिया प्रभाव।
भाषिक-विमर्श
भाषा-प्रौद्योगिकी, भाषाशास्त्र, शब्द-विज्ञान, बहुभाषिकता, वैश्वीकरण व आधुनिक प्रयोग।
दर्शन
भारतीय व पाश्चात्य दर्शन, नीतिशास्त्र, धर्म, अध्यात्म एवं समकालीन दार्शनिक प्रणालियाँ।
पर्यावरणीय / पारिस्थितिकीय विमर्श
आपदा प्रबंधन, पारिस्थितिकी, सतत विकास, जलवायु संकट व पर्यावरण संरक्षण नीतियाँ।
डिजिटल मानविकी विमर्श
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल तकनीक, भाषाई कम्प्यूटिंग एवं मानविकी अनुसंधान।
साहित्यिक-विमर्श
प्राचीन, मध्यकालीन व समकालीन साहित्य, आलोचना के प्रतिमान, काव्यशास्त्र व वैचारिक विमर्श।
लोक-सांस्कृतिक विमर्श
लोककला, लोकसाहित्य, लोकसंगीत, अमूर्त धरोहर (ICH), क्षेत्रीय परंपराएँ व नृविज्ञान।
अनुवाद एवं निर्वचन विमर्श
साहित्यिक व भाषिक अनुवाद, अनुवाद सिद्धांत, तुलनात्मक साहित्य व बहुभाषी निर्वचन।
इसके अतिरिक्त भी अन्य अंतरानुशासनिक विषय सादर आमंत्रित हैं (And Other Academic Disciplines / Etc.)
उपर्युक्त १९ प्रमुख स्तंभों के अतिरिक्त भी मानविकी, सामाजिक विज्ञान, भाषाविज्ञान, विधि (Law), वाणिज्य एवं प्रबंधन (Commerce & Management), पुस्तकालय विज्ञान, पत्रकारिता, लोक-प्रशासन अथवा समसामयिक ज्ञान-विज्ञान एवं अंतरानुशासनिक (Interdisciplinary) विषयों पर मौलिक, गंभीर एवं निष्पक्ष शोध आलेख तथा समीक्षाएं पूर्णतः स्वीकार्य हैं। पत्रिका किसी भी रचनात्मक एवं विचारोत्तेजक अकादमिक चिंतन का स्वागत करती है।
शोधाभ्यास (Young Researchers Initiative)
चार वर्षीय स्नातक (FYUGP) तथा स्नातकोत्तर (PG) स्तर के युवा विद्यार्थियों के मौलिक, गंभीर और आलोचनात्मक आरंभिक शोध प्रयासों के लिए ‘जनकृति’ द्वारा दिया जाने वाला एक विशेष अकादमिक अवसर।
साहित्यकार व विचारक साक्षात्कार
देश-विदेश के मूर्धन्य साहित्यकारों, रंगकर्मियों, शोधकर्ताओं, समाजशास्त्रियों अथवा सांस्कृतिक हस्तियों से विभिन्न ज्वलंत मुद्दों पर किए गए सारगर्भित व अकादमिक संवाद।
साहित्यिक रचनाएँ (Creative Literature)
साहित्य की विभिन्न विधाओं में मौलिक व सर्जनात्मक रचनाएँ आमंत्रित हैं:
पुस्तक समीक्षा (Book Reviews)
हाल ही में (विगत 1-2 वर्षों में) प्रकाशित महत्वपूर्ण साहित्यिक, सामाजिक, वैचारिक एवं अकादमिक पुस्तकों की विस्तृत, वस्तुनिष्ठ तथा निष्पक्ष समीक्षा (1,500–2,500 शब्द)।
२. शोध आलेख संरचना एवं प्रारूप (Manuscript Structure & Roadmap)
मानक APA अथवा MLA प्रारूप के अनुसार शोध आलेख का चरणबद्ध क्रम:
(पद, संस्थान, संपर्क)
(150–250 शब्द)
(5–7 Keywords)
(Literature Review)
(Methodology)
(Main Body & Analysis)
(Conclusion)
(APA / MLA फॉर्मेट में)
| मापदंड (Parameter) | हिंदी माध्यम (Hindi Papers) | अंग्रेजी माध्यम (English Papers) |
|---|---|---|
| फॉन्ट (Font Family) | यूनिकोड फॉन्ट (Kokila 16pt / Mangal 14pt) | Times New Roman (12pt) |
| लाइन स्पेसिंग (Line Spacing) | 1.15 से 1.5 Spacing | 1.5 Spacing (1-inch Margins on all sides) |
| शब्द सीमा (Word Count) | शोध आलेख: 3,000 से 5,000 शब्द समीक्षा: 1,500 से 2,500 शब्द | Research Paper: 3,000 to 5,000 words Review: 1,500 to 2,500 words |
| साइटेशन शैली (Citation Style) | APA (7th Edition) अथवा MLA (9th Edition) | APA (7th Edition) or MLA (9th Edition) |
| फ़ाइल प्रारूप (File Format) | केवल MS Word (.docx / .doc) फाइल (PDF स्वीकार्य नहीं) | MS Word (.docx / .doc) only |
रचना अथवा शोध आलेख के चयन तथा संबंधित अंक के औपचारिक रूप से प्रकाशित होने के उपरांत, चयन की आधिकारिक सूचना के साथ संपूर्ण अंक का डिजिटल पीडीएफ (Full Digital Issue) लेखक/शोधार्थी के पंजीकृत ईमेल पर निःशुल्क प्रेषित कर दिया जाता है।
३. समकक्ष-समीक्षा एवं प्रकाशन प्रक्रिया (Peer Review Workflow)
‘जनकृति’ में शोध पत्र प्रेषण से लेकर DOI आवंटन तक की पारदर्शी सहकर्मी समीक्षा प्रणाली:
लेखक MS Word प्रारूप में आधिकारिक ईमेल पर अपना मौलिक शोध पत्र भेजते हैं।
संपादकीय बोर्ड द्वारा विषय-प्रासंगिकता, यूजीसी अनुरूपता एवं प्लेगियराइज्म (< 10%) का प्राथमिक परीक्षण।
दो स्वतंत्र विषय-विशेषज्ञों द्वारा अकादमिक गुणवत्ता, शोध प्रविधि व संदर्भों का निष्पक्ष परीक्षण।
स्वीकृति पत्र (Acceptance Letter) प्रेषण, अंतिम प्रूफ-रीडिंग एवं स्थायी DOI के साथ अंक में प्रकाशन।
४. अकादमिक सत्यनिष्ठा एवं नैतिकता (Publication Ethics & Plagiarism)
यूजीसी और अंतरराष्ट्रीय प्रकाशन नैतिकता समिति (COPE) के दिशानिर्देशों का अनुपालन:
⚠️ साहित्यिक चोरी की सीमा (< 10%)
यूजीसी (Academic Integrity and Prevention of Plagiarism) विनियमों के अनुसार शोध पत्र में समरूपता (Similarity Index) 10% से कम होना अनिवार्य है। किसी भी प्रकार की अनधिकृत साहित्यिक चोरी पाए जाने पर आलेख तुरंत निरस्त कर दिया जाएगा।
📝 मौलिकता की स्व-घोषणा
शोधार्थी को यह प्रमाणित करना अनिवार्य है कि उनका आलेख शत-प्रतिशत मौलिक है तथा वह पूर्व में किसी अन्य पुस्तक, पत्रिका अथवा डिजिटल पोर्टल पर प्रकाशित नहीं हुआ है और न ही कहीं विचाराधीन है।
🤖 कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) नीति
जनरेटिव एआई टूल्स (ChatGPT, Claude आदि) द्वारा स्वतः-निर्मित आलेख सर्वथा अस्वीकार्य हैं। शोध में भाषा परिमार्जन हेतु यदि किसी डिजिटल उपकरण का उपयोग किया गया है, तो उसका स्पष्ट उल्लेख करना होगा। एआई को सह-लेखक नहीं बनाया जा सकता।
🤝 हितों का टकराव (Conflict of Interest)
शोध के संबंध में किसी भी प्रकार के वित्तीय सहयोग, संस्थागत अनुदान अथवा व्यक्तिगत हितों के टकराव का स्पष्ट खुलासा पाद-टिप्पणी में करना अनिवार्य है।
✅ आलेख प्रेषण पूर्व चेकलिस्ट (Pre-Submission Checklist)
ईमेल भेजने से पूर्व कृपया निम्नलिखित बिंदुओं को सुनिश्चित कर लें:
शोध पत्र प्रेषण हेतु आधिकारिक ईमेल
शोधार्थी एवं लेखक अपने शोध पत्र केवल आधिकारिक संपादकीय ईमेल पर एमएस वर्ड (.docx) अटैचमेंट के रूप में भेजें।
- विषय (Subject Line):
शोध आलेख प्रेषण – [आलेख का शीर्षक] – [लेखक का नाम] - अटैचमेंट: केवल MS Word (.docx) फ़ाइल संलग्न करें।
- संपादकीय संपर्क: डॉ. कुमार गौरव मिश्रा (प्रधान संपादक) • +91 8805408656