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हरीश सुवासिया की कविताएं

May 24th, 2022

1 सच तो सच है । “ तुम वादा करके अगर किसी दिन भले मुकर जाओ फिर अगले ही दिन दस बीस लोग जमाकर बता दो या बिफर पड़ो ! किसी एक मसले पर तुम्हारा जुदा -जुदा नजरिया सही नही है । भले तुम्हारी नजरों मे तुम्ही ं तुम हो । दूजा दिखता नहीं शायद […]