Tag Archives: स्त्री-मुक्ति

five running women wearing different dresses holding torch statue

स्त्री मुक्ति का भारतीय और पाश्चात्य संदर्भ

March 6th, 2021

1946 में फ्रांसीसी भाषा में छपी सिमोन द बउवार की पुस्तक ‘द सेकंड सेक्स’ में लेखिका ने यह स्पष्ट किया कि समाज में स्त्री की स्थिति मबवदक (दोयम) है थ्पतेज नहीं। इसके उत्पीड़न का कारण जेंडर है; सेक्स को जेंडर से अलग समझना चाहिए।

man in white button up shirt

‘‘स्त्री-मुक्ति की राहें’’ सपने और हकीकत

March 6th, 2021

बाज़ार ने जो स्त्री को उसके आवरणों से मुक्त किया है वह स्त्री स्वतंत्रता की कामना से नहीं अपितु उसकी देह के अबाध इस्तेमाल के लिए। यह बाज़ारवाद का ही प्रभाव है कि आज स्त्री की चरित्रहीनता को उसकी प्रगतिशीलता का दूसरा रूप ही मान लिया गया है।