Tag Archives: हास्य कविता

मैं भी चापलूस बन गया

March 22nd, 2022

मैं भी चापलूस बन गया (हास्य कविता)आखिर क्या करता मैं? कहाँ मारा फिरता?किसको समझाता कहाँ नहीं धक्के खाता?ईमानदारी से हश्र एसा हुआ की?अब मैं भी चापलूस बन गया? इन चापलूसों की ही तो चलती है?दबे पांव सबसे बनती भी है?इनकी चापलूसी सर्विस ट्वंटी फोर आवर,अब रिजल्ट सीट भी तो दुबारा बनती है? ईमानदारी से न […]

घोटालेबाजों की मेरिट लिस्ट

March 20th, 2022

घोटालेवाजों की मेरिटलिस्ट (हास्य कविता) सभी एक दूसरे पे चिल्ला रहे थे आखिर क्यों नहीं मैं? बनी है घोटालेवाजों की मेरिटलिस्ट इस लिस्ट में मेरा नाम नहीं। एक ने दूसरे को धकियाआ चल हट जा पीछे मैंने तो इतने सारे घोटाले किए फिर भी इस लिस्ट में मैं नहीं? जल्दी से इस लिस्ट में सुधार […]