Tag Archives: संस्कृति

multicolored cyclops painting

समकालीन हिंदी कविता का वर्तमान परिदृश्य

February 27th, 2021

समकालीन कविता में सामाजिक बोध को समय की माँगों के अनुरूप उभरते हुए देखा जा सकता है जिसने मनुष्य को उसके दायित्वों के प्रति बोध कराया। समकालीन कविता की प्रमुख विशेषता जनपक्षधरता रही है।

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समकालीन साहित्य में आदिवासी समाज और संस्कृति का स्वरूप-चंदा

January 24th, 2021

आदिवासी संस्कृति की प्राचीनता की बात करें तो यह आर्यों से पुरानी हैं जब आर्य भारत आए तो उन्होंने यहाँ के मूलनिवासी को खदेड़ दिया, आदिवासियों ने भी इसका प्रतिरोध किया, किन्तु पराजित होने के उपरांत भी उन्होंने आर्यों की अधीनता न स्वीकारते हुए घने जंगलों में शरण ली और वहीं अपनी सभ्यता और संस्कृति को जीवित रखा, बचाए रखा।

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सत्ता, संस्कृति और स्त्री की स्वाधीनता-डॉ. मिथिलेश कुमारी

January 24th, 2021

स्त्री की आज़ादी का प्रश्न समाज से कटा हुआ नहीं है। यह जितना स्त्रियों के सहज और सरल जीवन-यापन के लिए ज़रूरी है उतना ही सम्पूर्ण समाज के लिए भी। इस शोध-पत्र में सत्ता और संस्कृति के अंतर्संबंधों को स्त्री आज़ादी के परिप्रेक्ष्य में देखने की कोशिश की गयी है।